साहित्यिक एवं सामाजिक सेवा से राष्ट्र एवं विश्व को मजबूती प्रदान करना ही साहित्य उन्नयन संघ का उद्देश्य है। संघ की स्थापना माँ अन्नपूर्णा देवी के अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए वर्ष 2024 में किया गया था। ज्ञात हो की माँ अन्नपूर्णा उत्तर प्रदेश से लेकर असम तक हजारों गरीब, असहाय एवं लाचार परिवारों के सामाजिक आर्थिक एवं नैतिक हक के लिए संघर्ष करती रही ताकि एक आदर्श समाज की स्थापना हो सके। साहित्य उन्नयन संघ का प्रयास भी इस दिशा में बढ़ाया गया एक अडिग कदम है। संगठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हम विभिन्न साहित्यिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं जिनमें कन्या - विवाह, विभिन्न जागरूकता अभियान, विचार संगोष्ठी, कवि सम्मेलन, शिक्षण सेमिनार, निशुल्क शिक्षण सामग्री का वितरण, श्रमदान, रक्तदान, वृक्षारोपण, झुग्गी - झोपड़िया में बाल भंडारे का आयोजन, स्वास्थ्य परीक्षण कैंप, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के इलाज के लिए सहायता प्रदान करना, खेल-कूद, विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन, विद्यार्थी पुरस्कार, सम्मान समारोह, प्रमुख हैं।