
गाजीपुर । एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। जहाँ आस्था की लौ जेल की दीवारों के भीतर भी जल रही है। गाजीपुर जिला जेल में बंद महिला बंदियों ने छठ महापर्व का व्रत रखा है। जेल प्रशासन ने न सिर्फ उनकी भावनाओं का सम्मान किया, बल्कि उनके लिए विशेष इंतज़ाम भी किए हैं। जेल अधीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे ने बताया कि इस समय जेल में कुल 32 महिला बंदी हैं। जिनमें से 6 महिला बंदियों ने छठ महापर्व का कठिन व्रत रखा है। जेल परिसर में उनके लिए एक छोटा तालाब खुदवाया गया है। जहाँ सभी व्रती महिलाएँ सूर्य को अर्घ्य देंगी। पिछले तीन दिनों से जेल में छठ की तैयारियाँ चल रही थीं। महिला बंदियों ने व्रत की शुरुआत परंपरा के अनुसार लौका भात (लौकी-भात) से की थी। आज शाम वे डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देंगी, और कल सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन करेंगी। जेल प्रशासन ने शासन की मंशा के अनुरूप पूजा सामग्री से लेकर व्रतियों की सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है। इस अवसर पर पूरी जेल में एक विशेष धार्मिक और भावनात्मक माहौल देखने को मिला।
