माँ अन्नपूर्णा स्मृति स्थल, सराया गुलबराय, नगरा, जिला बलिया, उत्तरप्रदेश (भारत) 221711

हनुमान जयंती पर आपरेशन सिंन्दूर नामक पत्रिका का हुआ विमोचन

गाजीपुर । भांवरकोल क्षेत्र के शेरपुर कला स्थित चंन्द़ेश्वर नाथ सेवा ट़स्ट के तत्वावधान में हनुमान जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में” आपरेशन सिंन्दूर”नामक पत्रिका का विमोचन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व आईएएस लालजी राय ने हनुमान जयंती की बधाई देते हुए अमर शहीदों की पावन स्मृति को नमन करते हुए कहा कि आपरेशन सिंन्दूर नये भारत के बीर सपूतों की शोर्य गाथा है। जिस तरह से गत 22 पाक परस्त आतंकवादियों ने अप्रैल को कश्मीर के पहलगांव में भारतीय पर्यटकों की नृशंस तरीके से हत्या कर दी। जिससे मानवता शर्मशार हो गई हो गई। इस घटना के प्रधान मंत्री जी ने आपरेशन सिंन्दूर चलाने का फैसला लिया। ऐसे में हमारे जांबाज़ सैनिकों ने महज 20 मिनट के भीतर पाकिस्तान के कुल 9 आतंकी अड्डों को नेस्तनाबूत कर दिया। यह वैसा ही आपरेशन था जैसे भगवान हनुमान जी ने लंका दहन कर दिया था। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि सच्चितानंद राय चाचा ने कहा कि आपरेशन सिंन्दूर दुनिया के लिए विकसित भारत का संन्देश है। उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं यह दैवी शक्ति की आसुरी शक्ती पर विजय महोत्सव का प्रतीक है। उन्होंन कहा कि ईश्वर रूपी चेतना जब जीवन एवं सृष्टि में उत्पन्न असंन्तुलन व आसमांजस्य दूर करने के लिए हस्तक्षेप करती है तो उसे अवतारी चेतना कहते हैं। ऐसे में जब दैवीय शक्ति से ही हमारे प्रधानमंत्री जी ने अवतार लेकर कल्याणकारी नेतृत्व प्रदान किया है । उन्होंने कहा कि आज इस मौके पर हम सभी को देश के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता की शपथ लेकर विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। इस मौके पर पूर्व आईईएस लालजी राय, सच्चितानंद राय चाचा, भोलानाथ राय, दिनेश राय चौधरी शेषनाथ राय, एडवोकेट, चंद्रबली राय,रघुनाथ पांन्डेय, कवि दिनेश चंद्र राय, जयप्रकाश राय, शशिधर राय, बिनोद राय,मुक्तिनाथ राय, डा० राजेन्द्र दिनेश चौधरी , मिथिलेश राय,राकेश राय,बालाजी राय, अशोक राय, राममोहन राय, कार्यक़म की अध्यक्षता महान सेनानी मंगल पाण्डेय के पौत्र रघुनाथ पांन्डेय एवं संचालन राजेंद्र प्रसाद राय ने किया।अन्त में कार्यक्रम के संयोजक चंद्रबली राय ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार जताया। इस मौके आयोजित भंडारे में सैकड़ों लोगों ने प़साद ग़हण किया।

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