गाजीपुर । विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम रामअवतार प्रसाद की अदालत ने दुष्कर्म के मामले में अहम फैसला सुनाया है। असम के डिबरुगढ़ निवासी राजेश राजभर को 10 साल के कारावास की सजा और 25 हजार रुपये का अर्थदंड दंडित किया गया है। साथ ही न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी। इस बात की पुष्टि विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने की है। इस दौरान उन्होंने बताया कि पीड़िता के पिता– जो करीब 14–15 साल से डिबरुगढ़ के पलटन बाजार, चांदमारी घाट पर अपने परिवार के साथ रहते थे। 15 जुलाई 2017 को गाजीपुर के सुहवल स्थित अपने गांव लौट आए थे। पुरानी पहचान के आधार पर 22 जुलाई 2017 को आरोपी राजेश राजभर उनके घर पहुंचा, और उनकी नाबालिग पुत्री को बाजार ले जाने के बहाने लेकर फरार हो गया। परिजन ने खोजबीन की। लेकिन लड़की नहीं मिली। इसके बाद पीड़िता के पिता ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता को बरामद किया और आरोपी को जेल भेज दिया। मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह की ओर से कुल 6 गवाह पेश किए गए। सोमवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को 10 साल की सजा, अर्थदंड और जेल भेजने का आदेश दिया।

