माँ अन्नपूर्णा स्मृति स्थल, सराया गुलबराय, नगरा, जिला बलिया, उत्तरप्रदेश (भारत) 221711

गाजीपुर स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला – फर्जी कर्मचारियों और फर्जी प्रमाणपत्रों से चल रही व्यवस्था, अधिकारी मौन

सीएमओ कार्यालय में फर्जी कर्मचारियों का खेल। जनरल कैटेगरी का एससी सीट पर कब्जा, जांच के नाम पर सन्नाटा

गाजीपुर में स्वास्थ्य विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा – अधिकारी कुंभकरण की नींद में, जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान

फर्जी भर्ती, फर्जी प्रमाणपत्र और फर्जी कर्मचारी – गाजीपुर के स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप, सीएमओ ने मीडिया से मिलने से किया इंकार

गाजीपुर में स्वास्थ्य विभाग की गड़बड़ी उजागर – ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर के पद पर फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी, जांच लटकाई गई

गाजीपुर । स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के खेल में अफसर मौन: कार्रवाई करेगा कौन..?शासन के पारदर्शी नियमों और निर्देशो को कुचल रहे जिम्मेदार…गाजीपुर। जिले में भ्रष्टाचार हर ओर हावी होती जा रही है। सरकारी विभागों से लेकर स्थानीय प्रशासन तक, हर जगह भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामले आम हो गए है। इस कारण आम जनता को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि प्रशासन मौन साधे हुए है। सरकारी विभागों में बढ़ते भ्रष्टाचार के आंकड़े व सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामलों में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है और जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण की नींद सो रहे है। आपको बता दे कि जिले में कुछ ऐसे पत्रकार हैं जो सब कुछ जानते हुए भी चुप है । सीएमओ ऑफिस में फर्जी कर्मचारियों के यहां लगाते हैं हाजिरी बन्द मुट्ठी से पत्रकार का चलता है
परिवार पत्रकार पर भी फर्जी कर्मचारी मेहरबान, खुलासे का है इंतजार,जनपद में स्वास्थ्य विभाग में एक बहुत ही ज्यादा हैरान करने वाला मामला सामने निकलकर आ रहा है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की कुंभकरणी नींद नहीं टूट रही है। सूत्र स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ कार्यालय में कई सालों से एक फर्जी कर्मचारी अंगद की तरफ पैर जमाए हुए बैठा है। कर्मचारी के दबदबा से मुख्य चिकित्साधिकारी भी जांच के नाम पर मौन कर्मचारी का इतना दबदबा है कि अपने शक्तिशाली प्रभाव या शक्ति का दुरुपयोग करके अवैध या अनैतिक गतिविधियों में शामिल है। जिससे उसे या दूसरे को निजी लाभ मिलता है जबकि समाज या संस्था को नुकसान होता है। वह अपनी शक्ति का उपयोग रिश्वतखोरी, गमन या धोखाधड़ी जैसे अवैध कार्यों करने के लिए करता है।
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फर्जी कर्मचारी अपने परिवार के साथ-साथ रिश्तेदारों में लगभग 19 लोगों को नौकरी दिलाने का मामला सुर्खियों में रहा है। लेकिन जांच के नाम से उच्च अधिकारी मौन है। रेवतीपुर ब्लाक समेत अन्य 07 ब्लाक पर ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर(BPM) के पद पर फर्जी प्रमाण पत्र से नौकरी करने का मामला सुर्खियों मेंहै लेकिन अधिकारियों के कान तले जूं नहीं रेंग रहा है। अगर जनपद में देखा जाए तो स्वास्थ्य विभाग में एक और ताजा मामला निकाल कर आ रहा है। विभागीय सूत्र नाम न छापने की शर्त पर नौकरी में अनुसूचित जाति (SC) की सीट पर सामान्य वर्ग (General) का कब्जा अवैध है, खासकर तब जब भर्ती नियमों में ऐसा करने की कोई अनुमति न हो. यदि एससी वर्ग का कोई उम्मीदवार अनारक्षित सीट पर अधिक अंक प्राप्त करता है, तो आरक्षण का लाभ उठाता रहेगा और उसे उसी वर्ग में नौकरी मिलेगी, जब तक कि भर्ती नियम स्पष्ट रूप से उसे सामान्य श्रेणी में जाने की अनुमति न दें। जनपद में यह कैसा भ्रष्टाचार जनरल कैटेगिरी का एससी कैटिगरी में नौकरी कर रहा है। मामले सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग जांच करने के बजाय कुंभकरणी नींद सो रहा है।आपको बता दे कि मीडिया द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे से फर्जी कर्मचारी व फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर बीपीएम की नौकरी हासिल करने वालो के साथ साथ एससी की सीट पर जनरल का कब्जा अवैध के मामले में जानकारी लेना चाहा तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा मीडिया को मिलने से साफ मना कर दिया गया।इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं दाल में कुछ काला है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जल्द ही जिला बाहर जाने की कयास लगा चुके हैं‌। स्वास्थ्य विभाग 2025 मे हुई नियुक्ति में संलिप्त स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी की व्हाट्सएप चैटिंग से लेन देन का भी मामला निकाल कर आ रहा है। जिसकी मीडिया पड़ताल कर रही है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने मामले का लिया संज्ञान तोभ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों की खुल जाएगी पोल

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *